Lifestyle News

दवाइयों के पत्ते पर अगर बनी हैं‘लाल लकीर’, तो बरते सावधानी

  • 15-Aug-2020
  • 384
आमतौर पर छोटी-मोटी हैल्थ प्रॉब्लम्स जैसे सिरदर्द, कमर दर्द या बदन दर्द से छुटकारा पाने के लिए अक्सर लोग पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं।लोग छोटी-मोटी बीमारी के लिए डॉक्टर्स की सलाह लेना जरूरी नहीं समझते लेकिन आपकी यह लापरवाही किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी दवा का सेवन आपकी सेहत को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
Lifestyle News दवाइयों के पत्ते पर अगर बनी हैं‘लाल लकीर’, तो बरते सावधानी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ दिनों पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक ट्वीट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लोगों को बिना सलाह लिए दवाइयों को खाने से बचने के लिए कहा था।अपने ट्विटर पोस्ट के जरिए हैल्थ मिनिस्टरी ने लोगों को लाल लकीर वाली दवा लेने से मना किया है। साथ ही उन्होंने लिखा कि क्या आप दवाई पर बनी लाल लकीर का मतलब जानते हैं? इसमें बताया गया है कि एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स जैसी जिन दवाईयों पर लाल रंग की पट्टी बनी हो उन्हें डॉक्टर द्वारा वेरीफाई किए बिना नहीं लेना चाहिए। यहां तक कि मेडिकल स्टोर वाले भी ये दवाइयां बिना डॉक्टर की रिसिप्ट या रसीद के नहीं बेच सकते।ऐसा करने पर सख्त मनाही है।एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए ही दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है।