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इमà¥à¤¯à¥‚निटी बूसà¥à¤Ÿà¤° है पयोस , खाने से मिलते हैं ये फायदे....
गाय या à¤à¥ˆà¤‚स का पहला या दूसरे दिन का दूध जिसे आम बोलचाल की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पयोस कहा जाता है, शरीर के लिठकाफी फायदेमंद होता है। ये न केवल शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाता है बलà¥à¤•ि मांसपेशियों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और वजन घटाने में à¤à¥€ मदद करता है।
नवरातà¥à¤°à¤¿ में करने जा रहे हैं नठघर में गृह पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ जान लें ये जरूरी बातें
Navratri 2020: शारदीय नवरातà¥à¤°à¤¿ इस बार 17 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को पड़ रही है. नवरातà¥à¤°à¤¿ में नौ दिनों तक मां दà¥à¤°à¥à¤—ा के नौ रूपों की पूजा अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ होती है. यही वजह है कि नवरातà¥à¤°à¤¿ के पूरे नौ दिन काफी शà¥à¤ माने जाते हैं. नवरातà¥à¤°à¤¿ के शà¥à¤ समय में कई लोग अपने नठघर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करना काफी शà¥à¤ माना जाता है. माना जाता है कि नवरातà¥à¤°à¤¿ में नठघर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ से घर में खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आती हैं, सà¥à¤–, यश, धन, वैà¤à¤µ और मां लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ का आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ बना रहता है. कà¥à¤¯à¤¾ आप à¤à¥€ इस नवरातà¥à¤°à¤¿ अपने घर में गृह पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने जा रहे हैं? यदि हां, तो पहले जान लें ये नियम..
जामà¥à¤¨ आपके दिमाग और दिल के लिठहै अचà¥à¤›à¤¾, पà¥à¥‡ इसके अनेक फायदे
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड बà¥à¤²à¥‚बेरी आपके दिमाग और दिल के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है? यह आपके शरीर के वजन को कम करने में à¤à¥€ आपकी मदद कर सकता है। इतना ही नहीं, बà¥à¤²à¥‚बेरी खाने से आपको और à¤à¥€ कई फायदे होंगे। बà¥à¤²à¥‚बेरी के और अधिक लाठजानने के लिठआगे पढ़ें।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने के साथ ही अशà¥à¤µà¤—ंधा में और à¤à¥€ हैं कई गà¥à¤£
अशà¥à¤µà¤—ंधा à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि है। अशà¥à¤µà¤—ंधा का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— सदियों से आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में किया जा रहा है। यह जड़ी बूटियों के लिठबेहतर विकलà¥à¤ª माना जाता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में निहित, यह जड़ी बूटी उन लोगों के लिठतेजी से लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ विकलà¥à¤ª बन रही है जो अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बढ़ावा देने और तनाव को कम करने के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक साधनों की तलाश कर रहे हैं।
“चà¥à¤•ंदर†के हैरान कर देने वाले फायदे जो इसे बना देंगे आपकी...
चà¥à¤•ंदर, बीटरूट, या बीट इतने सारे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, खनिजों और विटामिनों से à¤à¤°à¥€ होती है कि आप इसे खाने से बच नहीं सकते। लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से इसे सलाद और जूस में उपयोग किया जाता है, चà¥à¤•ंदर आपको बहà¥à¤¤ सारे लाठदेता है। यहाठचà¥à¤•ंदर के कà¥à¤› अनजाने लाठहैं जो आपको अवशà¥à¤¯ जानना चाहिà¤à¥¤
सही तरीके से पीà¤à¤‚ तो काली चाय à¤à¥€ है सेहतमंद
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पॉपà¥à¤²à¤° बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¥€ चाय का मतलब, काली चाय पतà¥à¤¤à¥€ से बनी चाय ही समà¤à¤¾ जाता है। काली चाय दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे पॉपà¥à¤²à¤° डà¥à¤°à¤¿à¤‚क होने के बावजूद कई लोग इसे सेहत के लिठनà¥à¤•सानदायक बताते हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में अगर गलत तरीके से पी जाà¤, या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पी जाà¤, तो काली चाय ही कà¥à¤¯à¤¾ सà¤à¥€ चीजें नà¥à¤•सादायक होती हैं। यही कारण है कि लोग बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी की अपेकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हेलà¥à¤¦à¥€ समà¤à¤¤à¥‡ हैं। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी वजन घटाती है। तो कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी à¤à¥€ वजन घटाती है?आज हम बताà¤à¤‚गे कि बà¥à¤²à¥ˆà¤• टी यानी काली चाय के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं और इसे कैसे पीना चाहिà¤?
दालचीनी हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से इसके औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठहै यह बेशकीमती
दालचीनी à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ मसाला है। यह हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से इसके औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठबेशकीमती है। दालचीनी के बारे में खास बात यह है कि इसका मसाला पेड़ों की आंतरिक छाल से बनाया जाता है। दालचीनी के पेड़ों के तनों को काटकर यह बनाई जाती है। à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ छाल को निकाला जाता है और लकड़ी के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को हटा दिया जाता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ चरà¥à¤®à¤£à¥à¤µà¤¤à¥€ नदी, जिसमें माता कà¥à¤‚ती ने करà¥à¤£ को पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया था
चरà¥à¤®à¤¨à¤µà¤¤à¥€ या चरà¥à¤®à¤£à¥à¤µà¤¤à¥€ नदी को वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में चमà¥à¤¬à¤² नदी के नाम से जाना जाता है। यह नदी मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में बहती हà¥à¤ˆ इटावा, उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के निकट यमà¥à¤¨à¤¾ नदी में मिलती है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ और महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ में इस नदी के किनारे पर राजा रतिदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अतिथि यजà¥à¤ž करने का उलà¥à¤²à¥‡à¤– मिलता है। यह माना जाता है कि बलि पशà¥à¤“ं के चमड़ों के पà¥à¤‚ज से यह नदी बह निकली, इसीलिठइसका नाम चरà¥à¤®à¤£à¥à¤µà¤¤à¥€ पड़ा। किनà¥à¤¤à¥ यह पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ की गà¥à¤ªà¥à¤¤ या सांकेतिक à¤à¤¾à¤·à¤¾-शैली की उकà¥à¤¤à¤¿ है, जिससे बड़े-बड़े लोग à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो गठहैं। राजा रनà¥à¤¤à¤¿à¤¦à¥‡à¤µ की पशà¥à¤¬à¤²à¤¿ और चरà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¶à¤¿ का अरà¥à¤¥ केला (कदली) सà¥à¤¤à¤®à¥à¤à¥‹à¤‚ को काटकर उनके फलों से होम à¤à¤µà¤‚ अतिथि सतà¥à¤•ार करना है। केलों के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और छिलकों को à¤à¥€ चरà¥à¤® कहा जाता था। à¤à¤¸à¥‡ कदलीवन से ही चरà¥à¤®à¤£à¥à¤µà¤¤à¥€ नदी निरà¥à¤—त हà¥à¤ˆ थी।
पाचन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को शीतलता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाली इमली
“गिलोय†इसके बहà¥à¤¤ सारे लाठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में बताठगठहैं, जो रखते है आपको सेहतमंद
गिलोय à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बेल है, जिसे आप सौ मरà¥à¤œ की à¤à¤• दवा कह सकते हैं। इसलिठइसे संसà¥à¤•ृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समà¥à¤¦à¥à¤° मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤à¤‡à¤¸à¤•ा वानसà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤• नाम ( Botanical name) टीनोसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ कॉरà¥à¤¡à¥€à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ (tinospora cordifolia) है।
इसके पतà¥à¤¤à¥‡ पान के पतà¥à¤¤à¥‡ जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती।
इसके बहà¥à¤¤ सारे लाठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में बताठगठहैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बलà¥à¤•ि आपकी सà¥à¤‚दरता को à¤à¥€ निखारते हैं।
औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की à¤à¤°à¤®à¤¾à¤° है जीरा और धनिया
लड़कियां लड़को के शरीर में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ देखती हैं, पॠहैरान हो जायेंगे आप
जैसे लड़के लड़कियों की हरकते देख सावधान रहते हैं। उसी तरह लड़कियां लड़को की हरकतों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देती हैं। आज इस खबर में हम आपको उन चीजो के बारे में बताà¤à¤à¤—े जिन पर लड़कियां खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देती हैं। इसलिठकिसी à¤à¥€ लड़की से मिलने से पहले इन जानकारियो को हासिल कर लेना चाहिà¤à¥¤ ताकि बाद में आपको पछतावा न हो।
गैस और कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर करे गà¥à¤²à¤•नà¥à¤¦, और à¤à¥€ हैं कई फायदे
जीवनरकà¥à¤·à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ है पालक सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ के साथ लाà¤à¤¦à¤¾à¤ˆ होता है।
पालक मानव के लिठबेहद उपयोगी है। पालक को आमतौर पर केवल हिमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बढ़ाने के लिठगà¥à¤£à¤•ारी सबà¥à¤œà¥€ माना जाता है। बहà¥à¤¤ कम लोग जानते हैं कि पालक में इसके अलावा और à¤à¥€ कई गà¥à¤£ हैं। पालक में पाठजाने वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ततà¥à¤µ- 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पालक में 26 किलो कैलोरी उरà¥à¤œà¤¾ ,पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ ,कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 2.9 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, नमी 92 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ वसा 0.7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, रेशा 0.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ ,खनिज लवन 0.7 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और रेशा 0.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ होता हैं। पालक में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ खनिज लवण जैसे कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤®, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® ,लौह, तथा विटामिन à¤, बी, सी आदि पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाते हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ यह रेशेयà¥à¤•à¥à¤¤, जसà¥à¤¤à¤¾à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ होता है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण इसे जीवन रकà¥à¤·à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ कहा जाता हैं।
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चबाने से सेहत को मिलते हैं ये फायदे...
नीम à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ पेड़ है, जिसकी छाल, पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, तने, लकड़ी और सींक आदि लगà¤à¤— सà¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से बहà¥à¤¤ फायदेमंद माने जाते हैं। खासकर नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में औषधीय गà¥à¤£ होते हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नीम का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ तिकà¥à¤¤ (तीखा) और कटॠ(कड़वा) होता है। लेकिन इसमें कई à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤£ होते हैं जो शरीर और सेहत को कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियों और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाते हैं। अगर आप हर रोज सà¥à¤¬à¤¹ उठकर खाली पेट 5-6 नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चबाकर खाते हैं, तो आपको ढेर सारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठमिलते हैं। आइठआपको बताते हैं खाली पेट नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने से होने वाले जबरदसà¥à¤¤ फायदे।
खऱाब गले और सरà¥à¤¦à¥€-ज़à¥à¤•ाम से राहत के लिठपीà¤à¤‚ यह आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• काढ़ा
बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों की à¤à¤• बड़ी वजह है कमज़ोर इमà¥à¤¯à¥‚निटी। इसीलिà¤, अपने परिवार वालों को पिलाइठइमà¥à¤¯à¥‚निटी बूसà¥à¤Ÿ करने वाली चीज़ों से बना यह डà¥à¤°à¤¿à¤‚क, जो है à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• काढ़ा। यह खऱाब गले और सरà¥à¤¦à¥€-ज़à¥à¤•ाम से राहत दिलाà¤à¤—ा। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• काढ़ा बनाने का तरीका हम यहां लिख रहे हैं। जिसकी मदद से आप घर में इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं।
ये 5 सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में मानी जाती हैं सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हेलà¥à¤¦à¥€
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में कितने तरह की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाई जाती हैं, इसकी कोई गिनती नहीं है। हर देश, राजà¥à¤¯, समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ और मौसम की अपनी विशेष सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। लेकिन कà¥à¤› सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में उगाया और खाया जाता है। इनमें से कई सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अपने पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और फायदों के कारण à¤à¤• देश से दूसरे देश पहà¥à¤‚चीं। आज हम आपको बता रहे हैं à¤à¤¸à¥€ ही 5 सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤Ÿà¥à¤°à¥à¤¸ हेलà¥à¤¦à¥€ मानते हैं। इसका कारण यह है कि ये सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विशेष पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ , à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं, जो इंसान के शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने और कई बीमारियों से बचाने में काम आते हैं। अगर आप à¤à¥€ इन 5 सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को रोजाना के खानपान में किसी à¤à¥€ तरह से शामिल कर लें, तो आपको à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियों और शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का खतरा कम होता जाà¤à¤—ा।
पिजà¥à¤œà¤¾ हरà¥à¤¬ आरिगेनो के हैं कई फायदे
छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ढ़ देश विदेश खेल बिजनेस मनोरंजन जà¥à¤žà¤¾à¤¨ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ करिअर आलेख धरà¥à¤®-अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤® लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² सेहत विचार मंच बà¥à¤°à¥‡à¤•िंग नà¥à¤¯à¥‚ज़ Home सेहत पिजà¥à¤œà¤¾ हरà¥à¤¬ आरिगेनो के हैं कई फायदे पिजà¥à¤œà¤¾ हरà¥à¤¬ आरिगेनो के हैं कई फायदे 18-Sep-2020 61 पिजà¥à¤œà¤¾ हरà¥à¤¬ आरिगेनो के हैं कई फायदे इन दिनों ओरिगेनो खाने का चलन हर जगह बढ़ गया है। कई लोग तो ओरिगेनो को खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और महक बढ़ाने के लिठओरिगेनाक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। ओरिगेना, मारà¥à¤œà¥‹à¤°à¤® नामक अनà¥à¤¯ हरà¥à¤¬à¤¸ से काफी नजदीक है। गà¥à¤°à¥€à¤• सलाद में ओरिगेना की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤• तरह से सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° हरà¥à¤¬à¤¸ है। वहां इसे धड़लà¥à¤²à¥‡ से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इसके अलावा इटालियन खाने में à¤à¥€ ओरिगेनो की धूम है। बिना ओरिगेनो के पिजà¥à¤œà¤¾ की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ ही नहीं की जा सकती। ओरिगेनो में à¤à¤‚टीआकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट ततà¥à¤µ मौजूद है। कई बार ओरिगेनो को पेट से समà¥à¤¬à¤‚धित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निपटने के लिठà¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। पाचन तंतà¥à¤° संबंधित परेशानी में à¤à¥€ यह कारगर है। ओरेगेनो को पिजà¥à¤œà¤¾ हरà¥à¤¬ के रà¥à¤ª में जाना जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग ओरेगेनो का सिरà¥à¤« पिजà¥à¤œà¤¾ में सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने वाले ततà¥à¤µ के रà¥à¤ª में जानते हैं। लेकिन ओरेगेनो सेहत के लिठबहà¥à¤¤ ही उपयोगी हरà¥à¤¬ में से à¤à¤• हैं। इसके अलावा लोग इसे कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने के लिठà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। ताजे और सूखे ओरेगेनो के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से पेट में दरà¥à¤¦, वजन घटाने और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निजात पा सकते हैं। ओरेगेनो में विटामिन और मिनरल à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। इसमें विटामिन à¤, सी और ई कॉमà¥à¤ªà¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के साथ जिंक, मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पौटेशियम, कॉपर, मैगनीज à¤à¥€ पाया जाता है। ये सारे ततà¥à¤µ हमारे शरीर के लिठकाफी उपयोगी और फायदेमंद हैं।