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हरी मिरà¥à¤š को देखकर न सिकोड़ें नाक-मà¥à¤‚ह, इस तीखी चीज के फायदे जानकर हो जाà¤à¤‚गे हैरान
Chilli Benefits: हरी मिरà¥à¤š का नाम सà¥à¤¨à¤•र कई लोगों का मूड खराब हो जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके तीखेपन से काफी लोगों को परेशानी होती है, लेकिन इसकी नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤² वेलà¥à¤¯à¥‚ आपकी सोच से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है.
ठंड में बीमार पड़ने से बचने के लिठजरूर खाà¤à¤‚ ये पांच सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हर मौसम में खाना चाहिà¤à¥¤ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने से हमारे शरीर में कई पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¤¿ होती है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में हमें बीमारियों से बचे रहने के लिठà¤à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ खासकर अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने में आना-कानी करता है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी डिफरेंट डिशेज टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करा सकते हैं। ठंड के मौसम में अपको कà¥à¤› सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर खानी चाहिà¤à¥¤
लहसà¥à¤¨-धनिया की ये चटनी मजबूत करती है इमà¥à¤¯à¥‚निटी, सीखें बनाने का आसान तरीका
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ होने के साथ हेलà¥à¤¥ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ फायदे देने वाला à¤à¥€ होता है। बात करें मसालों की या चटनी-अचार की। खाने की थाली में इसकी उपियोगिता बस सà¥à¤µà¤¾à¤¦ तक ही सीमित नहीं। आज हम बात करेंगे लहसà¥à¤¨ की चटनी की। लहसà¥à¤¨ को हजारों साल से औषधि में गिना जाता है। यह खाने में बेहतरीन सà¥à¤µà¤¾à¤¦ लाने के लिठà¤à¥€ जाना जाता है। कचà¥à¤šà¤¾ लहसà¥à¤¨ खाने से सेहत को कई फायदे होते हैं। हालांकि इसे कचà¥à¤šà¤¾ खाने में लोग à¤à¤¿à¤à¤•ते हैं। आप लहसà¥à¤¨ की टेसà¥à¤Ÿà¥€ चटनी बना सकते हैं। यह चटनी रोटी, पूड़ी, पराठे, दाल-चावल, खिचड़ी, तहरी किसी à¤à¥€ डिश के साथ खाई जा सकती है।
रोजाना के खाने में मिलाà¤à¤‚ नारियल तेल, सेहत को मिलेंगे गजब के फायदे
बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ को बूसà¥à¤Ÿ करने के साथ ही नारियल तेल सà¥à¤•िन के लिठà¤à¥€ फायदेमंद होता है। दादी-नानी अकà¥à¤¸à¤° इस तेल के फायदों को गिनवाती हैं। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानती हैं कि ये हेलà¥à¤¥ के लिठà¤à¥€ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है। फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤² थेरेपी पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¶à¤¨à¤° मेग लैंगसà¥à¤Ÿà¤¨ ने अपने इंसà¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® पोसà¥à¤Ÿ में रोजाना नारियल तेल खाने के फायदे बताठहैं।
इन डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ की मदद से बॉडी को करें डिटॉकà¥à¤¸, वजन à¤à¥€ होगा कम
दिवाली के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° को हर कोई अलग-अलग तरह से सेलिबà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करता है। हालांकि कà¥à¤² मिलाकर देखा जाठतो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को सेलिबà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करने का मतलब तरह-तरह का खाना है। फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सीजन के दौरान हर कोई कई तरह के पकवान का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ चखता है। इस दौरान तरह-तरह के खाने और मिठाई को देख कर खà¥à¤¦ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर पाना à¤à¥€ काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। हालांकि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर जम कर खाते हैं और फिर बाद में कई तरह की परेशानियों से जूà¤à¤¤à¥‡ हैं। खà¥à¤¦ को वापिस टà¥à¤°à¥ˆà¤• पर लाने के लिठआपको अपनी बॉडी डिटॉकà¥à¤¸ करनी चाहिà¤à¥¤
कई मरà¥à¤œà¥‹à¤‚ का इलाज मेथी के दाने, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिठखास फायदेमंद, जानें खाने का तरीका
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रसोइयों में पाठजाने वाले मसाले सिरà¥à¤« सà¥à¤µà¤¾à¤¦ ही नहीं बलà¥à¤•ि अपने औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ जाने जाते हैं। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• हरà¥à¤¬ है मेथी। इसके दाने मसाले के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाते हैं। कदà¥à¤¦à¥‚, कढी, बैंगन, कटहल जैसी कई डिशेज के तड़के में मेथी के दानों का तड़का लगता है। हेलà¥à¤¥ की बात करें तो इसके कई फायदे बताठजाते हैं। वजन कम करने से लेकर कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने तक मेथी के दानों को अलà¥à¤Ÿà¤°à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ मेडिसिन के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। यहां बात करेंगे इसके फायदे और नà¥à¤•सानों पर।
World Osteoporosis Day 2022: 'à¤à¤‚टीबायोटिक सीमेंट' से रोका जा सकता है हडà¥à¤¡à¥€ का संकà¥à¤°à¤®à¤£, शोध में हà¥à¤† दावा
World Osteoporosis Day 2022: कई बार हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से शरीर के अंगों को काटना à¤à¥€ पड़ता है। अब अमेरिकी शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤‚टीबायोटिक सीमेंट विकसित किया है, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रो
डायबिटीज, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², सà¥à¤•िन हेलà¥à¤¥ के लिठफायदेमंद है हरी मटर के दाने, जानिठकà¥à¤¯à¤¾ कहती हैं à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मौसम आते ही बाजारों में हरी-हरी मटर मिलना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं। मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाली इन मटर को खाने में मिलाने पर खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ लाजवाब हो जाता है। मटर से कई तरह की डिशेज बनाई जा सकती हैं, जैसे मटर के पराठे, मटर की सबà¥à¤œà¥€, मटर पà¥à¤²à¤¾à¤µ वगैराह। हालांकि, कà¥à¤› लोगों को ये इतनी पसंद होती है कि वह इसे छिलते-छिलते ही खाने लगते हैं। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने वाली मटर हेलà¥à¤¥ के लिठकितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हो सकती हैं?
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦: हेलà¥à¤¦à¥€ बॉडी के लिठसà¥à¤¬à¤¹ उठें जलà¥à¤¦à¥€, कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है जागने का सही समय
घर के बड़े अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥à¤¦à¥€ उठने की सलाह देते हैं। उनकी मानें तो सà¥à¤¬à¤¹ उठने से आपका माइंड जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज चलता है, आपकी बॉडी फिट रहती है, वगैराग। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि आखिर जलà¥à¤¦à¥€ उठने का समय कà¥à¤¯à¤¾ है। अगर नहीं तो यहां हम आपतो बता रहे हैं सà¥à¤¬à¤¹ उठने का राइट टाइम। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ दीकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤° अपने इंसà¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® अकाउंट पर पहले ही इस बारे में बताया चà¥à¤•ि हैं कि आखिर सà¥à¤¬à¤¹ उठने का राइट टाइम कà¥à¤¯à¤¾ है।
उमà¥à¤° बढ़ने के साथ बदल लें कà¥à¤› आदतें, लंबी उमà¥à¤° तक रहेंगे हेलà¥à¤¦à¥€ और यंग
आपकी उमà¥à¤° कितनी à¤à¥€ हो, अगर आपमें चà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€-फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ है और बीमारियां नहीं तो आप पर बढ़ती उमà¥à¤° का असर नहीं दिखेगा। हर कोई यंग और हेलà¥à¤¦à¥€ रहना चाहता है। इसके लिठकà¥à¤› खास à¤à¤«à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ करने की जरूरत à¤à¥€ नहीं है। आप रूटीन में छोटे-मोटे बदलाव करके à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जिंदगी जी सकते है। à¤à¤¸à¤¾ करने से बढ़ती उमà¥à¤° के लकà¥à¤·à¤£ जलà¥à¤¦ नहीं दिखाई देते और आप लंबी उमà¥à¤° जीते हैं। दरअसल हमारा शरीर पà¥à¤°à¤•ृति ने इस तरह से बनाया है कि इंसान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤µ करे। बीमारियों से बचने के लिठहमें पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ तंतà¥à¤° à¤à¥€ मिला है। बस जरूरत है इस सिसà¥à¤Ÿà¤® को सपोरà¥à¤Ÿ करने की। यहां जानें आप à¤à¤¸à¤¾ कैसे कर सकते हैं।
Paneer Pakoda recipe: आज शाम के नाशà¥à¤¤à¥‡ के लिठ5 मिनट में बनाये पनीर पकोड़ा
Paneer Pakoda recipe: à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पकोड़े के बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¨ है ,आपने आलू के पकोड़े खाये होंगे ,कई तरह के सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पकोड़े खाà¤à¤‚ होंगे ,तो आज हम आपको नठपकोड़े के बारे में बता रहे है आज आप बनाइये पनीर पकोड़ा। जी हाठये बेहद ही आसान है और बड़ा ही मजेदार है। तो चलिठजानते है इसकी आसान सी रेसिपी।
करवा चौथ की सरगी में जरूर शामिल करें अंजीर, हम बताते हैं इसका कारण
करवा चौथ के वà¥à¤°à¤¤ (Karwa Chauth Vrat 2022) के लिठबहà¥à¤¤ सारे नियमों का पालन किया जाता है। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• नियम है सà¥à¤¬à¤¹ के समय सरगी खाना। करवा चौथ पर लिया जाने वाला यही वो मील है जो दिन à¤à¤° आपको à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देता है। इसलिठजरूरी है कि आप करवा चौथ की सरगी (Karwa Chauth Sargi) का बहà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। इसमें वही चीजें शामिल करें, जो न केवल पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हों, बलà¥à¤•ि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हैवी फील à¤à¥€ न करवाà¤à¤‚। पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट है अंजीर (Anjeer)। अंजीर न केवल पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिठबलà¥à¤•ि महिलाओं के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद मानी जाती है। जानना चाहती हैं कैसे? तो आइठआपको बताते हैं अंजीर के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठऔर वे कारण जो इसे सरगी के लिठपरफेकà¥à¤Ÿ बनाते हैं।
World Arthritis Day : अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को समय रहते जरूर पहचान लें
Arthritis Early Signs and Symptoms : यह बहà¥à¤¤ ही दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• बीमारी है। उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ के साथ यह बीमारी और à¤à¥€ खतरनाक होती जाती है। इसमें चलना-फिरना और रोजमरà¥à¤°à¤¾ की गतिविधियां à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाती हैं।
इन चीजों को डाइट में करें शामिल, शरीर में कà¤à¥€ नहीं होगी हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी
जिन लोगों में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी पाई जाती है। उनकी बॉडी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ से वंचित हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग हमेशा थके-थके रहते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सांसों में तकलीफ, येलो सà¥à¤•ीन, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ जैसी कई परेशानियों से गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग खनिज या विटामिंस की खà¥à¤°à¤¾à¤• लेने लगते हैं। सपà¥à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚ट लेने से आपके शरीर में कà¥à¤› समय के लिठसà¥à¤§à¤¾à¤° तो हो सकता है। लेकिन यदि आप पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लेते हैं तो आपका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ हमेशा ठीक रहता है। सेहतमंद रहने के लिठआपको अपनी डाइट चारà¥à¤Ÿ में सà¤à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, फल, साबà¥à¤¤ अनाज, दालें, डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ और नटà¥à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ को जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ यह सà¤à¥€ चीजें आपके शरीर में विटामिंस और आयरन की कमी को दूर कर सकती हैं।
करवा चौथ: सà¥à¤¹à¤¾à¤—िनें कल खाà¤à¤‚गी सरगी, 13 को निरà¥à¤œà¤²à¤¾ वà¥à¤°à¤¤
रायपà¥à¤°à¥¤ करवा चौथ परà¥à¤µ की तैयारियों को लेकर उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ छाने लगा है। 13 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को रखे जाने वाले निरà¥à¤œà¤²à¤¾ वà¥à¤°à¤¤ से à¤à¤• दिन पहले बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को सà¥à¤¹à¤¾à¤—िनें सरगी खाने की परंपरा निà¤à¤¾à¤à¤‚गी। 12 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को सास की à¤à¥‡à¤œà¥€ मिठाई, फल का सेवन करेंगी। 13 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को दिनà¤à¤° निरà¥à¤œà¤²à¤¾ वà¥à¤°à¤¤ रखकर शाम को पूजा करके चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ को अरà¥à¤˜à¥à¤¯ देकर पति के हाथों जल पीकर वà¥à¤°à¤¤ का पारणा करेंगी।
लाइफ टाइम पतला रहने के लिठअपनाà¤à¤‚ ये 3 आदतें, कà¥à¤› à¤à¥€ खाने के बाद नहीं होगी मोटापे की चिंता
आप जो à¤à¥€ खाते हैं वह आपके शरीर में कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ाता है। à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलोरी काउंट का मतलब है वजन का बढ़ना। हालांकि, आप किस तरह से खाते हैं यह à¤à¥€ आपके वजन घटाने की यातà¥à¤°à¤¾ में बहà¥à¤¤ बड़ा बदलाव ला सकता है। कà¥à¤› आदतें हैं जो हमारे मेटाबॉलिजà¥à¤® को सकारातà¥à¤®à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं और वजन कम करने में हमारी मदद कर सकती हैं। आपके खाने के समय से लेकर आपके खाने के कà¥à¤°à¤® तक, छोटी-छोटी चीजें इस बात को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं कि आपका वजन बढ़ेगा या नहीं।
शरद पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾: धनलकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ की आराधना से धन-सपंदा की होती है वृदà¥à¤§à¤¿, जरूर करें ये खास उपाय
आशà¥à¤µà¤¿à¤¨ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ यानी शरद पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ रविवार को है। शरद पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ की शीतल रात में मां लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ की आराधना से धन, धानà¥à¤¯ और संपदा की वृदà¥à¤§à¤¿ होती है। पंचागों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¨, दान व वà¥à¤°à¤¤ की पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ रविवार को पूरे दिन के साथ ही रात 2.30 बजे तक है। इस कारण सूरà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥à¤¤ के बाद किसी à¤à¥€ समय मां लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ की पूजा की जा सकती है।
डायबिटीज के मरीज चीनी से करें तौबा, लेकिन गà¥à¤¡à¤¼ या शहद किसका सेवन है फायदेमंद, जानिà¤
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, शà¥à¤—र या डायबिटीज à¤à¤¸à¤¾ खतरनाक रोग होता है जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को खाने-पीने की चीजों में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध के साथ जीना पड़ता है। आज अधिकतर लोग इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होता है गलत लाइफ़सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², अनहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट और शरीर में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ कम पहà¥à¤‚चने से खून में गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° बढ़ना। जिन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होता है उसे शरीर में अनà¥à¤¯ बीमारियों के होने का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। इसलिठमधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को धीमी मौत कहा जाता है। हालांकि पहले यह बीमारी 40-45 उमà¥à¤° के बाद होती थी। लेकिन आजकल यà¥à¤µà¤¾ à¤à¥€ इसका शिकार हो रहे हैं।