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सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से राहत पाने के लिठ4 हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट टिपà¥à¤¸
मौसम में बदलाव के साथ लगà¤à¤— हर कोई खांसी और सरà¥à¤¦à¥€ का शिकार हो जाता है। घर के अंदर रहने, साफ-सफाई बनाठरखने, खà¥à¤¦ को वायरस या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिठतमाम तरीके हैं। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण आमतौर पर खांसी और जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ सबसे पहले होती है। खानपान खांसी-जà¥à¤•ाम के इलाज और रोकथाम के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से राहत पाने के लिठ4 हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट टिपà¥à¤¸-
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कैसे पहनाà¤à¤‚ फैबरिक मासà¥à¤•, विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन ने जारी की गाइडलाइन
अब आंगनबाड़ी केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में अंडा नहीं, दूध बंटेगा
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤²à¥¤ मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की महिला à¤à¤µà¤‚ बाल विकास मंतà¥à¤°à¥€ इमरती देवी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की आंगनबाडिय़ों में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के रूप में अंडे दिये जाने की कà¥à¤› दिन पहले वकालत करने पर हà¥à¤ विवाद के बाद पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दिया है कि कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ को खतà¥à¤® करने के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अंडे नहीं, बलà¥à¤•ि दूध वितरित किया जाà¤à¤—ा।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने के लिठदिठटिपà¥à¤¸
देश में कोरोना संकà¥à¤°à¤®à¤£ के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। à¤à¤¸à¥‡ में सरकार और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• नई-नई गाइडलाइंस और à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤°à¥€ लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ यानी इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ जितनी मजबूत होगी उतनी ही जलà¥à¤¦à¥€ लोग ठीक होंगे इसलिठसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने à¤à¥€ आयà¥à¤· मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जारी की गई इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने वाली चीजों को अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में जोडऩे के लिठकहा है। आइठजानते हैं... इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बूसà¥à¤Ÿ करने के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की गाइडलाइन
सिरà¥à¤« खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ ही नहीं कई बीमारियों में à¤à¥€ फायदेमंद है केवड़ा
केवड़ा सà¥à¤—ंधित फूलों वाले वृकà¥à¤·à¥‹à¤‚ की à¤à¤• पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ है जो अनेक देशों में पाई जाती है और घने जंगलों मे उगती है। पतले, लंबे, घने और कांटेदार पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ वाले इस पेड़ की दो पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हंै- सफेद और पीली। सफेद जाति को केवड़ा और पीली को केतकी कहते हैं। केतकी बहà¥à¤¤ सà¥à¤‚गधित होती है और उसके पतà¥à¤¤à¥‡ कोमल होते हैं। इसमें जनवरी और फरवरी में फूल लगते हैं। केवड़े की यह सà¥à¤—ंध सांपों को बहà¥à¤¤ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करती है। इनसे इतà¥à¤° à¤à¥€ बनाया जाता है जिसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— मिठाइयों और पेयों में होता है। कतà¥à¤¥à¥‡ को केवड़े के फूल में रखकर सà¥à¤—ंधित बनाने के बाद पान में उसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। केवड़े के अंदर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ गूदे का साग à¤à¥€ बनाया जाता है। इसे संसà¥à¤•ृत, मलयालम और तेलà¥à¤—ॠमें केतकी, हिनà¥à¤¦à¥€ और मराठी में केवड़ा, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€ में केवड़ों, कनà¥à¤¨à¤¡à¤¼ में बिलेकेदगे गà¥à¤£à¥à¤¡à¥€à¤—े, तमिल में केदगें फारसी में करंज, अरबी में करंद और लैटिन में पेंडेनस ओडोरा टिसीमस कहते हैं। इसके वृकà¥à¤· गंगा नदी के सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¤µà¤¨ डेलà¥à¤Ÿà¤¾ में बहà¥à¤¤à¤¾à¤¯à¤¤ से पाठजाते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ है सिदà¥à¤§ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿
सिदà¥à¤§ चिकितà¥à¤¸à¤¾ के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• आधार का लमà¥à¤¬à¤¾ और विविध इतिहास है। परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह दà¥à¤°à¤µà¤¿à¤¡à¤¼ संसà¥à¤•ृति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विकसित सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤—त उपचार विधि है। ताड़ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर लिखी पांडà¥à¤²à¤¿à¤ªà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बताया गया है कि à¤à¤—वान शिव ने सबसे पहले अपनी पतà¥à¤¨à¥€ पारà¥à¤µà¤¤à¥€ को इसके बारे में बताया था। पारà¥à¤µà¤¤à¥€ ने यह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अपने पà¥à¤¤à¥à¤° मà¥à¤°à¥à¤— को दिया। उसने यह सारा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अपने पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शिषà¥à¤¯ अगसà¥à¤¤à¥à¤¯ को दिया। अगसà¥à¤¤à¥à¤¯ ऋषि ने 18 सिदà¥à¤§à¥‹à¤‚ को इसके बारे में बताया और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस जà¥à¤žà¤¾à¤¨ का लोगों में पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया।
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है अमाड़ी या अमà¥à¤¬à¤¾à¤¡à¤¼à¥€
छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ढ़ में कई तरह की à¤à¤¾à¤œà¥€ को साग के रूप में खाया जाता है। इसी में से à¤à¤• है अमाड़ी , आमाड़ी या फिर अमà¥à¤¬à¤¾à¤¡à¤¼à¥€à¥¤ इसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ थोड़ा खटà¥à¤Ÿà¤¾à¤ªà¤¨ लिठहोता है। पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का खटà¥à¤Ÿà¤¾à¤ªà¤¨ अलग - अलग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के साग में अलग - अलग होता है। इसकी ताज़ी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का साग बनाया जाता है। इसके अलावा मटन करी, तà¥à¤…र दाल और अचार बनाने में à¤à¥€ इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤œà¥€ के रूप में खाया जाता है, तो इसके लाल-लाल फलों की सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ चटनी बनाई जाती है। इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¥€ इमली के साथ सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ चटनी और अचार बनता है जिसे साल à¤à¤° तक रखा जा सकता है। इसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फल के काफी फायदे हैं। इसकी खासियत है कि इसे मॉनसून में à¤à¥€ खाया जा सकता है। छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ढ़ के गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाकों में इसे खास तौर से खाया जाता है।
गधी का दूध à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 7,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लीटर बिक रहा है- जानें हक़ीक़त
किसी को गधा कहना à¤à¤• तरह से मूरà¥à¤– कहा जाना समà¤à¤¾ जाता है. इसके अलावा कई लोग आम बोलचाल में लगातार काम करने वालों को 'गधे की तरह काम करने वाला' à¤à¥€ कहते हैं.à¤à¤¾à¤°à¤¤ में गधों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बोà¤à¤¾ ढोने में होता रहा है लेकिन मोटर वाहन के आने के बाद बीते कà¥à¤› सालों में गधों की संखà¥à¤¯à¤¾ में काफ़ी कमी आई है. लेकिन अब गधों के बारे में à¤à¤¸à¥€ बातें सामने आ रही हैं जिससे शायद इनकी तादाद बढ़ाने में लोगों की दिलचसà¥à¤ªà¥€ जागे.
कॉफी और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाउडर मिशà¥à¤°à¤£ के हैं कई फायदे
कà¥à¤¯à¤¾ आप अपने के कॉफी कप में कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेना पसंद करेंगे? कà¥à¤› मशहूर हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कॉफी को पीना काफी पसंद करते हैं। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कॉफी आपके लिठकई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं। मांसपेशियों की वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के लाठके बारे आप सà¤à¥€ जानते होंगे। अगर आप जिम जाने वाले लोग हैं, तो आप अचà¥à¤›à¥€ मसलà¥à¤¸ और सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ बनाने के लिठकसरत के बाद नियमित रूप से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ शेक लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, कॉफी की बात करें, तो इसमें कैफीन होता है, जो शरीर को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ करता है। इसके अलावा, यह मांसपेशियों के दरà¥à¤¦ को कम करता है और मेटाबॉलिजà¥à¤® को बढ़ाता है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कॉफी के इस विशेष मिशà¥à¤°à¤£ को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• माना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह दोनों मिलकर इसके लाà¤à¥‹à¤‚ को दोगà¥à¤¨à¤¾ कर देते हैं।
मारà¥à¤•ंडेय पà¥à¤°à¤¾à¤£ में पितृ की महिमा
जानिà¤, सà¥à¤µà¥€à¤Ÿ à¤à¤‚ड टैंजी वेजिटेबलà¥à¤¸ बनानें की विधि
डेढ़ टीसà¥à¤ªà¥‚न जिंजर गारà¥à¤²à¤¿à¤• पेसà¥à¤Ÿ, 2 चमà¥à¤®à¤š टोमैटो पà¥à¤¯à¥‚री, दो बारीक कटे पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, 300 गà¥à¤°à¤¾à¤® बà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤²à¥€, बारीक कटा लाल व पीली शिमला मिरà¥à¤š, आधा टीसà¥à¤ªà¥‚न पिसी हà¥à¤ˆ काली मिरà¥à¤š, à¤à¤• टेबलसà¥à¤ªà¥‚न कॉरà¥à¤¨à¤«à¥à¤²à¥‹à¤°, दो टेबलसà¥à¤ªà¥‚न ऑलिव या वेजिटेबल ऑयल, à¤à¤• टीसà¥à¤ªà¥‚न चीनी, नमक सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤°
आंखों के नीचे डारà¥à¤• सरà¥à¤•लà¥à¤¸ से परेशान है तो अपनाà¤à¤‚ ये घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ें
चेहरा आपका कितना ही खूबसूरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं हो अगर आंखों के नीचे डारà¥à¤• सरà¥à¤•ल आ जाठतो चेहरे का सारा नूर उड़ जाता है। डारà¥à¤• सरà¥à¤•ल ना सिरà¥à¤« आपके चेहरे की खूबसूरती छीनते हैं बलà¥à¤•ि आप चेहरे से बीमार à¤à¥€ दिखते हैं।
दवाइयों के पतà¥à¤¤à¥‡ पर अगर बनी हैं‘लाल लकीर’, तो बरते सावधानी
आमतौर पर छोटी-मोटी हैलà¥à¤¥ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤®à¥à¤¸ जैसे सिरदरà¥à¤¦, कमर दरà¥à¤¦ या बदन दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठअकà¥à¤¸à¤° लोग पेनकिलरà¥à¤¸ का सहारा लेते हैं।लोग छोटी-मोटी बीमारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की सलाह लेना जरूरी नहीं समà¤à¤¤à¥‡ लेकिन आपकी यह लापरवाही किसी बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण बन सकती हैं। बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लिठकिसी à¤à¥€ दवा का सेवन आपकी सेहत को और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है।
चेहरे की देखà¤à¤¾à¤² के लिà¤, अपनाà¤à¤‚ ये सà¥à¤•िन केयर टिपà¥à¤¸
हेलà¥à¤¦à¥€ रहने के लिठअकà¥à¤¸à¤° लोग à¤à¥‚खें रहकर फासà¥à¤Ÿ करते है ताकि फिट रह सके। आपने कà¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¾ है कि सà¥à¤•िन फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ होता है। जिस तरह फासà¥à¤Ÿ कंपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बॉडी को डिटॉकà¥à¤¸ करता है उसी तरह सà¥à¤•िन फासà¥à¤Ÿ आपके चेहरे की सà¥à¤•िन को डिटॉकà¥à¤¸ करता है। सà¥à¤•िन फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग से मतलब है सà¥à¤•िन का उपवास, जिसका मकसद सà¥à¤•िन में निखार लाना है। सà¥à¤•िन की गंदगी और रोमछिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ को खोलना है ताकि आपकी सà¥à¤•िन सांस ले सके।
बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान हैं तो डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ को बदले
तेजी से बदलती लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², खानपान और à¤à¤¾à¤—दौड़ à¤à¤°à¥€ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ हमारे शरीर को काफी हद तक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है. पर कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि इसका सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर हमारे बालों पर पड़ता है. बालों को खासकर महिलाओं को होती है पर ये समसà¥à¤¯à¤¾ आजकल पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ आम है. अगर आप à¤à¥€ बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे हैं तो आइठहम बताते हैं आपको बालों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने का आसान और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका
नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ बरकरार रखने के लिठà¤à¤¸à¥‡ बनाà¤à¤‚ बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
सामगà¥à¤°à¥€ : 2 कप बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, 2 टेबलसà¥à¤ªà¥‚न तेल, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न जीरा, 2 टीसà¥à¤ªà¥‚न बारीक कटा लहसà¥à¤¨, 1 टीसà¥à¤ªà¥‚न हरी मिरà¥à¤š बारीक कटी, 1/4 कप बेसन, 1/4 टीसà¥à¤ªà¥‚न हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न लाल मिरà¥à¤š पाउडर, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न जीरा पाउडर, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न धनिया पाउडर, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न अमचूर पाउडर, 1/2 टीसà¥à¤ªà¥‚न गरम मसाला, 1 टेबलसà¥à¤ªà¥‚न नींबू का रस
फिट रहने के लिठइस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को रोज करते हैं विराट कोहली
विराट कोहली रन मशीन के नाम से पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में मशहूर हैं। कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट के तीनों पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प में कोहली बेहतरीन पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करते हैं। कोहली के बेहतरीन पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह उनका फिटनेस है। रन मशीन विराट कोहली अकà¥à¤¸à¤° ऑन फीलà¥à¤¡ ( यानी फिट रहकर हर मैच में शिरकत करने ) में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करते हैं। उनके कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट करियर में à¤à¤¸à¤¾ मौका à¤à¤• दो बार आया है। जब वह फिटनेस की वजह से मैदान से बाहर रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में खाने के साथ ही कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚, ये जानना à¤à¥€ है बेहद जरूरी
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को हर कोई कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ इसकी सलाह तो देता है लेकिन कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚ इस पर शायद ही किसी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जाता है तो आज हम इसी के बारे में जानेंगे।