Hindi Shayari
राज़ खोल देते हैं
राज़ खोल देते हैं
नाजुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश
मोहब्बत की जुबान होती है।
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो
कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो,
अपनी आँखों में किसी को उतार कर के देखो,
चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे,
ये एहसास जानना है तो दिल हार कर के देखो।
चाहत हुई किसी से तो फिर बेइन्तेहाँ हुई
चाहत हुई किसी से तो फिर बेइन्तेहाँ हुई,
चाहा तो चाहतों की हद से गुजर गए,
हमने खुदा से कुछ भी न माँगा मगर उसे,
माँगा तो सिसकियों की भी हद से गुजर गये।
जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो
जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।
हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ
हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों की खातिर तूने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास,
पर तू ये बता कितनी रातें चैन से सोया है।
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना,
क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता।
समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई
समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता।
फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।
जीवन का एक अलग तरीका है...
जीवन का एक अलग तरीका है ...
आदमी की खातिर कांटे भी कबूल हैं ...
मुझे कांच के टुकड़ों पर भी हंसने दो…
अगर आदमी कहता है ये मेरे फूल हैं!
आदमी की खातिर कांटे भी कबूल हैं ...
मुझे कांच के टुकड़ों पर भी हंसने दो…
अगर आदमी कहता है ये मेरे फूल हैं!
डार मुजे भी लागा फौसला देख कर,
डार मुजे भी लागा फौसला देख कर,
प्रति मुख्य बधता गया दे दे कर,
खुदा बा खुद मेरे नज़दिक आति गायि,
मंजिल मेरा हौंसला देख कर…।
प्रति मुख्य बधता गया दे दे कर,
खुदा बा खुद मेरे नज़दिक आति गायि,
मंजिल मेरा हौंसला देख कर…।
Kashti Ke Musafir Ne Samandar Nahi Dekha
Kashti Ke Musafir Ne Samandar Nahi Dekha,
Aakhon Ko Dekha Per Dil Mein Utr Kar Nahi Dekha,
Pathar Samajhate Hain Mujhe Mere Chahne Wale,
Hum Toh Mom Hain Kisi Ne Chhoo Kar Nahi Dekha …
Aakhon Ko Dekha Per Dil Mein Utr Kar Nahi Dekha,
Pathar Samajhate Hain Mujhe Mere Chahne Wale,
Hum Toh Mom Hain Kisi Ne Chhoo Kar Nahi Dekha …
Bahut Andar Tak Basa Tha Wo Shakhs Mere
बहुत अंदर तक बसा था वो शख़्स मेरे,
उसे भूलने के लिए बड़ा वक़्त चाहिए।
उसे भूलने के लिए बड़ा वक़्त चाहिए।
Mere Bina Kya Apne Aap Ko Sanwaar Loge Tum
मेरे बिना क्या अपने आप को सँवार लोगे तुम,
"इश्क़" हूँ कोई ज़ेवर नहीं जो उतार दोगे तुम।
"इश्क़" हूँ कोई ज़ेवर नहीं जो उतार दोगे तुम।
Aasaan Nahin Yahan Kisi Ko
आसां नही यहाँ किसी को खुद से जुदा कर पाना,
रूह सी निकलती है इस जिस्म से,
दूर जाने के ख्याल भर से ही,
आ भी जाओ मेरी आँखों के रू-ब-रू अब तुम,
कितना ख्वाबो में तुझे तलाश करूं।
रूह सी निकलती है इस जिस्म से,
दूर जाने के ख्याल भर से ही,
आ भी जाओ मेरी आँखों के रू-ब-रू अब तुम,
कितना ख्वाबो में तुझे तलाश करूं।
सकून मिलता है जब उनसे बात होती है,
सकून मिलता है जब उनसे बात होती है,
हज़ार रातों में वो एक रात होती है,
निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ,
मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है।
हज़ार रातों में वो एक रात होती है,
निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ,
मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है।