Hindi Shayari

राज़ खोल देते हैं

राज़ खोल देते हैं 
नाजà¥à¤• से इशारे अकà¥à¤¸à¤°,
कितनी खामोश 
मोहबà¥à¤¬à¤¤ की जà¥à¤¬à¤¾à¤¨ होती है।

न जाहिर हà¥à¤ˆ तà¥à¤®à¤¸à¥‡ और न ही बयान हà¥à¤ˆ हमसे

न जाहिर हà¥à¤ˆ तà¥à¤®à¤¸à¥‡ और न ही बयान हà¥à¤ˆ हमसे,
बस सà¥à¤²à¤à¥€ हà¥à¤ˆ आà¤à¤–ो में उलà¤à¥€ रही मोहबà¥à¤¬à¤¤à¥¤

कà¥à¤› ख़ास जानना है तो पà¥à¤¯à¤¾à¤° कर के देखो

कà¥à¤› ख़ास जानना है तो पà¥à¤¯à¤¾à¤° कर के देखो,
अपनी आà¤à¤–ों में किसी को उतार कर के देखो,
चोट उनको लगेगी आà¤à¤¸à¥‚ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ आ जायेंगे,
ये à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ जानना है तो दिल हार कर के देखो।

चाहत हà¥à¤ˆ किसी से तो फिर बेइनà¥à¤¤à¥‡à¤¹à¤¾à¤ हà¥à¤ˆ

चाहत हà¥à¤ˆ किसी से तो फिर बेइनà¥à¤¤à¥‡à¤¹à¤¾à¤ हà¥à¤ˆ,
चाहा तो चाहतों की हद से गà¥à¤œà¤° गà¤,
हमने खà¥à¤¦à¤¾ से कà¥à¤› भी न माà¤à¤—ा मगर उसे,
माà¤à¤—ा तो सिसकियों की भी हद से गà¥à¤œà¤° गये।

जरà¥à¤°à¥€ तो नहीं जीने के लिठसहारा हो

जरà¥à¤°à¥€ तो नहीं जीने के लिठसहारा हो,
जरà¥à¤°à¥€ तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कà¥à¤› कशà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ डूब भी जाया करती हैं,
जरà¥à¤°à¥€ तो नहीं हर कशà¥à¤¤à¥€ का किनारा हो।

हमारा ज़िकà¥à¤° भी अब जà¥à¤°à¥à¤® हो गया है वहाà¤

हमारा ज़िकà¥à¤° भी अब जà¥à¤°à¥à¤® हो गया है वहाà¤,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।

कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मà¥à¤«à¤²à¤¿à¤¸à¥€ मेरी

कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मà¥à¤«à¤²à¤¿à¤¸à¥€ मेरी,
चंद सिकà¥à¤•ों की खातिर तूने कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास,
पर तू ये बता कितनी रातें चैन से सोया है।

अब ना मैं हूà¤, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​

अब ना मैं हूà¤, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िनà¥à¤¦à¤—ी है तो नठज़खà¥à¤® भी लग जाà¤à¤‚गे​,
अब भी बाकी हैं कई दोसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मेरे।

जिंदगी में कोई पà¥à¤¯à¤¾à¤° से पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ नही मिलता

जिंदगी में कोई पà¥à¤¯à¤¾à¤° से पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ नही मिलता,
जिंदगी में कोई पà¥à¤¯à¤¾à¤° से पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ नही मिलता,
जो है पास आपके उसको समà¥à¤­à¤¾à¤² कर रखना,
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• बार खोकर पà¥à¤¯à¤¾à¤° दोबारा नही मिलता।

समà¤à¤¨à¥‡ ही नहीं देती सियासत हम को सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ

समà¤à¤¨à¥‡ ही नहीं देती सियासत हम को सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दरà¥à¤ªà¤¨ नहीं मिलता।

फलसफा समà¤à¥‹ न असरारे सियासत समà¤à¥‹,

फलसफा समà¤à¥‹ न असरारे सियासत समà¤à¥‹,
जिनà¥à¤¦à¤—ी सिरà¥à¤« हकीक़त है हकीक़त समà¤à¥‹,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाà¤,
आज तो साà¤à¤¸ भी लेते हो ग़नीमत समà¤à¥‹à¥¤

जीवन का à¤à¤• अलग तरीका है...

जीवन का à¤à¤• अलग तरीका है ...
आदमी की खातिर कांटे भी कबूल हैं ...
मà¥à¤à¥‡ कांच के टà¥à¤•ड़ों पर भी हंसने दो…
अगर आदमी कहता है ये मेरे फूल हैं!

डार मà¥à¤œà¥‡ भी लागा फौसला देख कर,

डार मà¥à¤œà¥‡ भी लागा फौसला देख कर,
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मà¥à¤–à¥à¤¯ बधता गया दे दे कर,
खà¥à¤¦à¤¾ बा खà¥à¤¦ मेरे नज़दिक आति गायि,
मंजिल मेरा हौंसला देख कर…।

Kashti Ke Musafir Ne Samandar Nahi Dekha

Kashti Ke Musafir Ne Samandar Nahi Dekha,
Aakhon Ko Dekha Per Dil Mein Utr Kar Nahi Dekha,
Pathar Samajhate Hain Mujhe Mere Chahne Wale,
Hum Toh Mom Hain Kisi Ne Chhoo Kar Nahi Dekha …

Bahut Andar Tak Basa Tha Wo Shakhs Mere

बहà¥à¤¤ अंदर तक बसा था वो शख़à¥à¤¸ मेरे,
उसे भूलने के लिठबड़ा वक़à¥à¤¤ चाहिà¤à¥¤

Mere Bina Kya Apne Aap Ko Sanwaar Loge Tum

मेरे बिना कà¥à¤¯à¤¾ अपने आप को सà¤à¤µà¤¾à¤° लोगे तà¥à¤®,
"इशà¥à¤•़" हूठकोई ज़ेवर नहीं जो उतार दोगे तà¥à¤®à¥¤

Aasaan Nahin Yahan Kisi Ko

आसां नही यहाठकिसी को खà¥à¤¦ से जà¥à¤¦à¤¾ कर पाना,
रूह सी निकलती है इस जिसà¥à¤® से, 
दूर जाने के खà¥à¤¯à¤¾à¤² भर से ही,
आ भी जाओ मेरी आà¤à¤–ों के रू-ब-रू अब तà¥à¤®,
कितना खà¥à¤µà¤¾à¤¬à¥‹ में तà¥à¤à¥‡ तलाश करूं।

सकून मिलता है जब उनसे बात होती है,

सकून मिलता है जब उनसे बात होती है,
हज़ार रातों में वो à¤à¤• à¤°à¤¾à¤¤ à¤¹à¥‹à¤¤à¥€ है,
निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ,
मेरे लिठवो ही पल पूरी कायनात होती है।